दीपावली, वर्ष की सबसे अँधेरी रात होती है किन्तु सबसे अधिक शक्तिशाली भी, जिसके भीतर अज्ञान के अन्धकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश की शक्ति भी विद्यमान है अर्थात घना अन्धकार ही अपने अपने भीतर प्रकाश की पिपासा को बढ़ाता है। मानव शरीर में, मूलाधार से आज्ञा चक्र( ललाट का केंद्र ) तक की यात्रा ही अन्धकार से प्रकाश की ओर जाने की यात्रा है, आत्मा के विकास की यात्रा है। मूलाधार, भगवान गणेश का स्थान है जो भूलोक के देव है तथा आज्ञा, महादेव शिव का । सृष्टि में कोई भी परिवर्तन या रूपान्तरण शिव शक्ति द्वारा...
Journey of the spirit 'Sanatan Kriya'