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69वे स्वातंत्र्य दिन के इस अवसर पर स्वयं से प्रश्न करेंए क्या आप स्वतंत्र है

69वे स्वातंत्र्य दिन के इस अवसर पर स्वयं से प्रश्न करेंए क्या आप स्वतंत्र हैंघ् स्वतंत्रता होती क्या हैघ् क्या केवल लाल किले पर तिरंगा लहराना स्वतंत्रता हैघ् या केवल अपनेआप को भारतीय कहना ही स्वतंत्रता हैघ् हाँण्ण् आज से ६९ वर्ष पूर्वए जिन्होंने हमारे देश को अत्याचारी विदेशी शासन से आज़ादी दिलाने हेतु अपना जीवन न्योछावर कर दियाए उनके लिए स्वतंत्रता का सही अर्थ यही थाद्य परंतु जहाँ तक आपका सवाल हैए आप पर अभी भी राज्य किया जा रहा हैए फर्क सिर्फ इतना है कि शासक का रूप बदल गया हैद्य आज के दौर में शासक लोग नहींए शक्ति हैद्य जिस इंसान के पास शक्ति होती हैए वह अपने नीजी लाभ हेतु उन शक्तियों का प्रयोग करता हैद्य तथा जो उस शक्तिशाली इंसान के दबाव के अधीन हो जाते हैंए वे भी अपने नीजी स्वार्थ के सुरक्षा हेतु ही ये करते हैंद्य ज़रा सोचियेए अगर अशफाकुल्लाह खानए भगत सिंग या रानी लक्ष्मीबाई ने देश के सुख की अपेक्षा अपने खुद के घर के सुखों को चुना होताए तो क्या वे स्वतंत्र हो पातेघ् सृष्टि के साथ एकरूप होना ही वास्तव में स्वतंत्रता हैद्य जैसे ही आप एक से दो हो जाते हैंए तो आप बंध जाते है...